Umrao Kunwar Ji \”Archna\”,Where is the Stamp?

By Anil Kr. Pujara

\"\"India post while releasing its schedule of stamps to be released in the year 2011 , in Jan. 2011 itself declared that a commemorative stamp will be released on 30 /4/ 2011 on UMRAO KUNWAR JI “ARCHANA” . The stamp is of course released . Luckily there is no rescheduling  of date . further there is no premature release also from any corner of the country . But shockingly there is no supply of stamps also . The information\"\" brochure put on sale describes total quantity printed as 3 million + 1 million for Jaipur bureau. Against supply of 1 million only 20 thousand stamps are reportedly supplied to the sponsors till date. Insufficient quantity of stamps is received at selected bureaus across the country. Even at Ajmer bureau no stamp is received till now. Even during release function , the stamps diverted from Jaipur/Jodhpur were used and made available under strict control and in a rationed manner. It is reliably learned that these were the instruction from the top . The total sale on the release date is reportedly of Rs 30000 which includes F.D.C and I.B .This reveals stamps worth Rs 28000 were sold . If that be the case ,where are the remaining stamps . Is it another case where officials responsible for smooth supply of material to the public are intending to indulge in hoarding/creating artificial scarcity in collusion with vested interests who are only interested in making easy / fast money.

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4 Responses to Umrao Kunwar Ji \”Archna\”,Where is the Stamp?


    पुजारा जी आपने बिलकुल सही लिखा है उमराव कुंवर जी “अर्चना” का टिकिट जारी होने की तारीख से में जयपुर ब्यूरो में टिकिट के लिए लगातार चकर काट रहा हूँ और केवल में ही नही मेरी तरह कई लोग रोज ब्यूरो में उमराव कुंवर जी “अर्चना” का टिकिट मागने आते है लेकिन आज तक टिकिट नही मिला, पूछने पर जबाब मिलता है, टिकिट आया नही है जबकि केवल जयपुर ब्यूरो के लिए एक लाख टिकिट जारी हुए है। तो फिर उमराव कुंवर जी “अर्चना” के टिकिट गए कहां ? तो अब ये खुलासा भी कर देता हूँ की आखिर टिकिट कहां है मे जब उमराव कुंवर जी “अर्चना” का टिकिट मांग रहा था तो एक महोदय दनदनाते हुए जयपुर ब्यूरो मे आये और ब्यूरो प्रभारी से कहा की उमराव कुंवर जी “अर्चना” के टिकिट की पांच शीट यानि 200 टिकिट देदो तो मेने मन में सोचा यहाँ इतने दिन से चार टिकिट के लिए चकर काट रहा हूँ तो इनके साथ क्या होगा। इतने में ब्यूरो प्रभारी बोले सर आप कल ही तो दो शीट (यानि अस्सी टिकिट) लेकर गये थे अब मेरे पास नहीं है। मुझे इस बात पर हेरानी हुई की श्रीमान कल दो शीट (यानि अस्सी टिकिट) लेकर गये थे और आज फिर पांच शीट लेने आ गये तो मेने ब्यूरो प्रभारी से कहा की आप तो कह रहे थे की टिकिट आया नही है ? तो इनको कल दो शीट केसे दे दी तो उन्होंने कोई जबाब नही दिया। इतने में उन महोदय ने फिर कहा की आपने ही तो कहा था की कल ले लेना, इस पर ब्यूरो प्रभारी ने अपनी बात फिर दोहरा रहे थे, की वो महोदय बिच में ही बोले की मे सी.पी.एम.जी. से बात करता हूँ ये कहते हुए ब्यूरो से बाहर निकले और मोबाईल निकाल कर जाने किस से बात की थोड़ी देर बाद श्रीमान जी जब वापस आए तो उनके चहरे पर विजयी मुस्कान थी और हाथ में उमराव कुंवर जी “अर्चना” के टिकिट की पांच शीट यानि 200 टिकिट में हेरान था की दस मिनिट पहले तो एक भी टिकिट नही था और अब श्रीमान जी उमराव कुंवर जी “अर्चना” के पुरे 200 टिकिट लेकर जा रहे है मे और ब्यूरो प्रभारी एक दुसरे का चेहरा देखते रहे। इसका मतलब साफ़ है की उमराव कुंवर जी “अर्चना” के टिकिट तो है लेकिन फिलेटेलिस्ट के लिए नहीं सिर्फ जयपुर सी.पी.एम.जी के जानने वाले फिलेटेलि के दलालों के लिए यहाँ दलाल शब्द का उपयोग करना इसलिए उचित है की कोई भी फिलेटेलिस्ट यदि टिकिट खरीदेगा तो पांच या दस या कोई शोकिन ज्यादा से ज्यादा एक दो शीट। लेकिन ये महोदय तो पूरी सात यानि 280 टिकिट लेकर गये है। तो ये फिलेटेलिस्ट तो नही हो सकते, हाँ लेकिन जयपुर सी.पी.एम.जी के नजदीकी जरुर है। तो पुजारा जी बात ये है की जयपुर सी.पी.एम.जी से यदि आपके रसूख है तब तो आप को उमराव कुंवर जी “अर्चना” का टिकिट मिल जायेगा और नही तो जयपुर सी.पी.एम.जी द्वारा और उनकी छत्रछाया में पनप रहे किसी फिलेटेलि के दलालों को उसकी ऊँचे रसूख की कीमत और उमराव कुंवर जी “अर्चना” के टिकिट की कीमत दोनों को जोड़ कर अदा कीजिये और टिकिट लीजिये जितने चाहें।


    Stamp dealers have mastered the art of try & create initial scarcity value
    So that whatever few collectors are left are induced to buy from the
    dealers at 4 to 10 times the face value if they are too eager to possess
    that latest release missing from their collection. Past examples that easily come to mind- Subbalakshmi, Sai Baba, Kovai Tamil Conf. etc. Wait a little, do not panic-even dealers will be selling ‘Archna’ stamp just like any other stamp recently issued.

  3. Rahul says:

    You had to submit a complain to Jaipur Bureau and after that you had to fill a RTI.I think this type of corruption could be controlled if we people are with each other if we see any corruption of this type.Latest example is Ravinder Nath Tagor’s miniature sheet and stamp sheets are missing from Delhi GPO even at release date.

    • Rahul says:

      Even, Ravindranath Tagore m/s is not available in Nagpur as well as Ahemdabad GPO. When I talk by phone, madam says, “abhi tak woh m/s aaya hi nahi hai”.

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